जमशेदपुर, झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चल रही चर्चाओं के बीच नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने स्पष्ट किया है कि भाजपा प्रत्याशी के नाम पर अंतिम फैसला पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा। जमशेदपुर दौरे पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि प्रदेश चुनाव समिति अपनी अनुशंसा पार्टी नेतृत्व को भेज चुकी है। अब केंद्रीय चुनाव समिति उम्मीदवार के नाम पर अंतिम निर्णय लेगी और जल्द ही इसकी आधिकारिक घोषणा की जाएगी।
कई दिग्गज नेताओं के नाम चर्चा में
राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा खेमे में कई बड़े नेताओं के नामों की चर्चा है। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, रघुवर दास, मधु कोड़ा और चंपई सोरेन प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए मरांडी ने कहा कि पार्टी नेतृत्व जिसे भी उम्मीदवार बनाएगा, भाजपा का हर कार्यकर्ता उसकी जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ काम करेगा।
18 जून को होगा मतदान
झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए 18 जून को मतदान होना है। इनमें से एक सीट शिबू सोरेन के निधन के बाद रिक्त हुई है, जबकि दूसरी सीट पर भाजपा सांसद दीपक प्रकाश का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।
विधानसभा का गणित क्या कहता है?
81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में वर्तमान में इंडिया गठबंधन के पास 56 विधायक हैं, जबकि एनडीए के खाते में 24 विधायक हैं। इसके अलावा झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा का एक विधायक है। संख्या बल महागठबंधन के पक्ष में होने के बावजूद भाजपा एक सीट जीतने की रणनीति पर गंभीरता से काम कर रही है।
शुभेंदु अधिकारी की सराहना, टीएमसी पर साधा निशाना
बाबूलाल मरांडी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी की प्रशंसा करते हुए उन्हें देश के सबसे मजबूत और दूरदर्शी नेताओं में से एक बताया। उन्होंने कहा कि शुभेंदु अधिकारी के राजनीतिक निर्णय प्रभावशाली और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होते हैं। वहीं, अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी से जुड़ी हालिया घटनाओं पर टिप्पणी करते हुए मरांडी ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि घटनाक्रम जिस तरह सामने आया, उससे पूरा मामला एक सुनियोजित राजनीतिक नाटक जैसा प्रतीत होता है। राज्यसभा चुनाव की तारीख नजदीक आने के साथ ही झारखंड की राजनीति में गतिविधियां और तेज होने लगी हैं। अब सभी की नजरें भाजपा और महागठबंधन के उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई हैं।
