शहीद के गांव में पानी के लिए तरस रहे लोग, एक साल से बंद पड़ी जल मीनार से बढ़ी परेशानी

शहीद के गांव में पानी के लिए तरस रहे लोग, एक साल से बंद पड़ी जल मीनार से बढ़ी परेशानी

Johar News Times
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बहरागोड़ा, पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड अंतर्गत चिंगरा पंचायत के कसाफलिया (बांसदा) गांव में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। शहीद गणेश हांसदा के पैतृक गांव के रूप में पहचान रखने वाले इस गांव में पिछले करीब एक वर्ष से जल मीनार खराब पड़ी है, जिससे सैकड़ों ग्रामीणों को पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार जल मीनार बंद होने के कारण गांव में नियमित पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। स्थिति यह है कि महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को प्रतिदिन दो से तीन किलोमीटर दूर स्थित चापाकलों और कुओं से पानी लाना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बीच यह समस्या लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र के कई कुएं और तालाब भी सूखने की स्थिति में पहुंच चुके हैं, जिससे जल संकट और गहरा गया है। गांववासियों ने बताया कि जल मीनार की मरम्मत को लेकर कई बार पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। शिकायतों के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।

ग्रामीणों में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि जिस गांव के एक सपूत ने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया, उसी गांव के लोग आज बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। लोगों ने इसे प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण बताते हुए जल्द समाधान की मांग की है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से खराब जल मीनार की तत्काल मरम्मत कर पेयजल आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो गांव के लोग आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।

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