सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते ही ‘नौतपा’ की शुरुआत हो चुकी है। सनातन परंपरा और मौसम विज्ञान के अनुसार, ये साल के वे 9 सबसे गर्म दिन होते हैं जब सूर्य की सीधी किरणें धरती पर पड़ती हैं, जिससे भीषण गर्मी और जानलेवा लू का प्रकोप बढ़ जाता है। इस कड़कड़ाती धूप और तपन को देखते हुए प्रशासन ने आम जनता के लिए विशेष स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी की है।
मौसम विभाग और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, इन 9 दिनों में थोड़ी सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है। ऐसे में खुद को सुरक्षित रखने के लिए कुछ बेहद जरूरी बातों का ध्यान रखना आवश्यक है।
लू से बचने के अचूक उपाय:
- प्यास न भी लगी हो, तब भी हर आधे घंटे में पानी पीते रहें। शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी न हो, इसके लिए नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी और ओआरएस के घोल का नियमित सेवन करें।
- दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच, जब सूरज की तपिश सबसे ज्यादा होती है, घर से बाहर निकलने से बचें। यदि बाहर जाना बहुत जरूरी हो, तो सिर और चेहरे को गीले सूती कपड़े, गमछे या टोपी से अच्छी तरह ढककर ही निकलें।
- इन दिनों बासी खाना, अधिक तला-भुना और मांसाहारी भोजन करने से बचें। अपनी डाइट में पानी से भरपूर ठंडे फल जैसे खीरा, ककड़ी, तरबूज और खरबूजा शामिल करें।
- गहरे रंग के और टाइट कपड़े पहनने से बचें। शरीर को हवा लगती रहे, इसके लिए हमेशा हल्के रंग के, ढीले-ढाले और सूती कपड़े ही पहनें।
- दोपहर के समय घर की खिड़कियों और दरवाजों को बंद रखें और पर्दे डालकर रखें, ताकि बाहर की गर्म हवा घर के अंदर प्रवेश न कर सके।
पहचानें लू के लक्षण, तुरंत करें ये उपाय:
यदि किसी व्यक्ति को तेज सिरदर्द, चक्कर आना, अत्यधिक थकान, उल्टी जैसा लगना या शरीर का तापमान 104°F (40°C) से ज्यादा (तेज बुखार) हो, तो यह हीट स्ट्रोक के गंभीर लक्षण हो सकते हैं।
ऐसी स्थिति दिखने पर मरीज को तुरंत किसी ठंडी या छायादार जगह पर लिटा दें। उनके शरीर पर ठंडे पानी की पट्टियां रखें और बिना देरी किए तुरंत नजदीकी डॉक्टर या मेडिकल सहायता से संपर्क करें।
