बंगाल में ‘मोदी की गारंटी’ लागू: महिलाओं के लिए सरकारी बसों में सफर मुफ्त, CM शुभेंदु अधिकारी का बड़ा एलान

बंगाल में महिलाओं के लिए सरकारी बसें हुईं मुफ्त, CM शुभेंदु अधिकारी ने पूरी की 'मोदी की गारंटी'।

Johar News Times
3 Min Read

पश्चिम बंगाल की नई भाजपा सरकार ने सत्ता संभालते ही अपना पहला बड़ा चुनावी वादा पूरा कर दिया है। सोमवार, 1 जून से राज्य के सभी रूटों पर सरकारी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा सेवा की विधिवत शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य सचिवालय ‘नवान्न’ में इसकी घोषणा करते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उस चुनावी गारंटी का हिस्सा है, जिसे सरकार गठन के एक महीने के भीतर ही लागू कर दिया गया है।

इस ऐतिहासिक शुरुआत के मौके पर राज्य की शहरी विकास मंत्री अग्नमित्रा पाल ने खुद कोलकाता में आम महिलाओं के साथ सरकारी बस में सफर कर उनका उत्साह बढ़ाया।

मुफ्त बस यात्रा योजना की बड़ी बातें और नियम:

  • राज्य परिवहन विभाग की अधिसूचना के अनुसार, कम और लंबी दूरी की सभी सरकारी बसों में महिलाओं से कोई किराया नहीं लिया जाएगा।
  • बंगाल परिवहन निगम, दक्षिण बंगाल राज्य परिवहन निगम और उत्तर बंगाल राज्य परिवहन निगम की सभी बसों में यह सेवा लागू है।
  • योजना का लाभ उठाने के लिए फिलहाल महिलाओं को बस केवल एक वैध फोटो पहचान पत्र (जैसे आधार या वोटर कार्ड) दिखाना होगा।
  • योजना के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए सरकार जल्द ही लाभार्थियों की तस्वीर और नाम वाले विशेष डिजिटल स्मार्ट कार्ड जारी करेगी।

इस फैसले से जहाँ उत्तर बंगाल से लेकर दक्षिण बंगाल तक की महिला यात्रियों में भारी खुशी देखी गई, वहीं कामकाजी महिलाओं ने सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती भी रखी है।

  • बालीगंज से पार्क स्ट्रीट जा रही कामकाजी महिला माला बिस्वास ने कहा, “हम इस फैसले से बेहद खुश हैं, लेकिन कोरोना महामारी के बाद से सरकारी बसों की संख्या काफी कम हो गई है। व्यस्त समय में बसों के फेरे बढ़ाना बहुत जरूरी है।”
  • आईटी हब साल्टलेक सेक्टर 5 जा रही सुमाना सिंह ने भी चिंता जताते हुए कहा कि पिछले कुछ सालों में कई सरकारी रूट बंद हो गए हैं, जिन्हें दोबारा शुरू किया जाना चाहिए ताकि इस मुफ्त सेवा का सही लाभ मिल सके।

“पीएम मोदी की चुनावी गारंटी के अनुसार महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सौगात दे दी गई है। यह योजना महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने और सार्वजनिक परिवहन तक उनकी पहुंच आसान बनाने के लिए मील का पत्थर साबित होगी।”

शुभेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री (पश्चिम बंगाल)

Share This Article