तकनीकी छात्रों के लिए बड़ी राहत, टाटा स्टील फाउंडेशन देगा डिप्लोमा कोर्स में 1.20 लाख रुपये तक की सब्सिडी

तकनीकी छात्रों के लिए बड़ी राहत, टाटा स्टील फाउंडेशन देगा डिप्लोमा कोर्स में 1.20 लाख रुपये तक की सब्सिडी

Johar News Times
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जमशेदपुर समेत तीन संस्थानों के छात्रों को लाभ, स्किल डेवलपमेंट और इंडस्ट्री ट्रेनिंग पर जोर

जमशेदपुर:
तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में करियर बनाने की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। टाटा स्टील फाउंडेशन ने कोर डिप्लोमा कोर्स करने वाले विद्यार्थियों के लिए 1.20 लाख रुपये तक की सब्सिडी देने की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और मेधावी छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराना है।

फाउंडेशन की इस योजना के तहत चयनित छात्रों को पूरे छह सेमेस्टर की अवधि में प्रति सेमेस्टर 20,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस तरह एक छात्र को पूरे कोर्स के दौरान कुल 1.20 लाख रुपये की सहायता मिलेगी, जिससे उनकी शिक्षा पर आने वाला वित्तीय बोझ काफी हद तक कम हो जाएगा।

इन संस्थानों के छात्रों को मिलेगा लाभ:
इस योजना का लाभ मुख्य रूप से तीन तकनीकी संस्थानों के छात्रों को मिलेगा—

  • जेएन टाटा टेक्निकल एजुकेशन सेंटर (गंजाम, ओडिशा)
  • आरडी टाटा टेक्निकल एजुकेशन सेंटर (जमशेदपुर)
  • टाटा स्टील टेक्निकल इंस्टीट्यूट (जमशेदपुर)

आधुनिक स्किल्स पर फोकस:
टाटा स्टील फाउंडेशन के स्किल डेवलपमेंट प्रमुख कैप्टन अमिताभ ने बताया कि यह योजना नेटूर टेक्निकल ट्रेनिंग फाउंडेशन (NTTF) के सहयोग से लागू की जा रही है। इसके तहत मेकाट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, स्मार्ट फैक्ट्री और आधुनिक इंडस्ट्री आधारित कोर्स पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

छात्रों को अत्याधुनिक लैब, स्मार्ट क्लासरूम और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के माध्यम से डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग और ऑटोमेशन की तकनीकी जानकारी दी जा रही है, ताकि उन्हें भविष्य में बेहतर रोजगार अवसर मिल सकें।

युवाओं को मिलेगा बड़ा फायदा:
इस पहल से न केवल तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की योजनाएं युवाओं को इंडस्ट्री-रेडी बनाकर रोजगार के नए अवसर खोलती हैं।

निष्कर्ष:
टाटा स्टील फाउंडेशन की यह पहल तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे झारखंड समेत आसपास के क्षेत्रों के छात्रों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा और उनका भविष्य और अधिक मजबूत बन सकेगा।

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