बनमाकड़ी पंचायत के दो घाटों पर स्टॉकिंग जारी, आउटवार्ड चालान नहीं मिलने से बालू की बिक्री शुरू नहीं हो सकी,
डुमरिया, गुड़ाबांदा प्रखंड की बनमाकड़ी पंचायत स्थित स्वर्णरेखा नदी के दो बालू घाटों से बालू उठाव और स्टॉकिंग का कार्य शुरू हो गया है। हालांकि दूसरे दिन भी बालू की बिक्री दर (एक्जास्ट सेलिंग कॉस्ट) तय नहीं हो सकी, जिससे वैध बालू की खरीदारी के लिए पहुंचे कई व्यवसायियों को निराश होकर लौटना पड़ा। जानकारी के अनुसार, बालू की कीमत को लेकर प्रारंभिक गणना पूरी कर ली गई है। सभी सरकारी कर, परिवहन खर्च और लीजधारक कंपनी के लाभ को जोड़ने के बाद इसकी संभावित कीमत करीब 22 रुपये प्रति सीएफटी आंकी जा रही है। हालांकि इस दर पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
लीजधारक कंपनी गोदावरी कमोडिटीज लिमिटेड के प्रतिनिधि जितेंद्र कुमार ने बताया कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सोमवार को ही बिक्री दर तय हो जानी थी, लेकिन कुछ तकनीकी और प्रक्रियागत कारणों से ऐसा संभव नहीं हो सका। उन्होंने उम्मीद जताई कि मंगलवार को सभी औपचारिकताएं पूरी कर दरों को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
बताया जा रहा है कि कंपनी को बालू डंप करने के लिए आवश्यक इनवर्ड चालान मिल चुका है, जिसके आधार पर घाटों से बालू का उठाव और भंडारण किया जा रहा है। लेकिन व्यवसायियों को बालू बेचने के लिए जरूरी आउटवार्ड चालान अभी प्राप्त नहीं हुआ है। इसके अभाव में आधिकारिक बिक्री प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की संभावित रोक से पहले अधिकतम मात्रा में बालू का भंडारण करने की तैयारी की जा रही है।
उधर, वैध बालू घाट शुरू होने की सूचना मिलने पर कई व्यवसायी बालू लेने पहुंचे थे, लेकिन बिक्री दर तय नहीं होने और आउटवार्ड चालान जारी नहीं होने के कारण लोडिंग की अनुमति नहीं मिल सकी। परिणामस्वरूप उन्हें बिना बालू लिए ही वापस लौटना पड़ा। अब बालू कारोबारियों और उपभोक्ताओं की नजर मंगलवार को होने वाले फैसले पर टिकी है, जिसके बाद घाटों से नियमित बिक्री शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
