सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (एनएमएल), जमशेदपुर में ई-कचरा रिसाइक्लिंग विषय पर मास्टर ट्रेनर्स के लिए एक सप्ताह का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। कार्यक्रम का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र से जुड़े लोगों को जागरूक कर उन्हें संगठित क्षेत्र से जोड़ना तथा ई-कचरे के सुरक्षित, वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल प्रबंधन की जानकारी देना है।
एक जून से शुरू हुए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन एनएमएल के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी ने किया। इस अवसर पर मुख्य वैज्ञानिक एवं परियोजना प्रमुख डॉ. मनीष कुमार झा, एमईआर प्रमुख डॉ. संजय कुमार, आरपीबीडी प्रमुख डॉ. एस.के. पाल सहित संस्थान के वैज्ञानिक और शोधकर्ता उपस्थित थे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में टेरी (TERI) और रेकार्ट (REKART) के मास्टर ट्रेनर्स की टीम भाग ले रही है। टेरी की ओर से डॉ. अलक डेका, अंकित कुमार रथ, जॉर्ज मैथ्यू, नीलिमा टी, श्वेता गौतम और रविकिरण शेट, जबकि रेकार्ट की ओर से सत्यम नेहरा, शंकर ठाकुर, अंशिका गुप्ता, लखन सिंह, रमन कुमार और रोहित गर्ग शामिल हैं।

कार्यक्रम के दौरान मोबाइल फोन, कंप्यूटर, टेलीविजन, बैटरी, तार, प्रिंटेड सर्किट बोर्ड समेत विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से निकलने वाले ई-कचरे के सुरक्षित संग्रहण, छंटाई, पृथक्करण और वैज्ञानिक रिसाइक्लिंग की जानकारी दी जा रही है। साथ ही प्रतिभागियों को यह भी बताया जा रहा है कि ई-कचरे को खुले में जलाना, असुरक्षित तरीके से तोड़ना या रसायनों का अनियंत्रित उपयोग पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। विशेषज्ञों ने कहा कि इस प्रशिक्षण से ई-कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार होंगे और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
