समाहरणालय सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन के तहत चल रही योजनाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने साफ शब्दों में कहा कि पानी और स्वच्छता सीधे जनता से जुड़े मामले हैं, इसलिए इनमें किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं होगी। उपायुक्त ने अधिकारियों और एजेंसियों को तय समय सीमा के भीतर काम पूरा करने का कड़ा अल्टीमेटम दिया है।
बैठक के मुख्य निर्णय और समय-सीमा :
- उपायुक्त ने कार्य एजेंसी को हर हाल में 15 जून तक बागबेड़ा जलापूर्ति योजना के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का काम पूरा करने का निर्देश दिया। वहीं, छोटा गोविंदपुर जलापूर्ति योजना के एक्सटेंशन पार्ट को एक महीने के भीतर पूरा करने को कहा गया है।
- बोड़ाम-पटमदा वृहत ग्रामीण जलापूर्ति योजना की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने वन विभाग से लंबित एनओसीकी प्रक्रिया को जल्द से जल्द क्लीयर कराकर काम आगे बढ़ाने का निर्देश दिया।
- जिन गांवों में जलापूर्ति योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, उन्हें एक सप्ताह के भीतर ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को 100% हैंडओवर करने और गांवों के सर्टिफिकेशन का काम पूरा करने का आदेश दिया गया है।
- गुड़ाबांदा जलापूर्ति योजना के तहत दिए गए सभी घरेलू नल कनेक्शनों की रिपोर्ट को एक हफ्ते के अंदर MIS पोर्टल पर अपडेट करने को कहा गया है।
- उपायुक्त ने निर्देश दिया कि ‘अबुआ आवास योजना’ के जितने भी लाभुक हैं, उनके घरों में शौचालय निर्माण अनिवार्य रूप से कराया जाए। इसके लिए लाभुकों के साथ विशेष बैठक करने को कहा गया है।
- ठोस और तरल कचरा प्रबंधन को दुरुस्त करने के लिए गांवों में कचरा उठाने वाली सभी ट्राइसाइकिलों को तुरंत चालू करने और नियमित कचरा उठाने का निर्देश दिया गया।
- खुले में शौच मुक्त प्लस गांवों का दायरा बढ़ाने के लिए एक हफ्ते के भीतर लंबित गांवों का वेरिफिकेशन पूरा करने का अभियान चलाया जाएगा।
“पेयजल की उपलब्धता और स्वच्छता सीधे जनहित से जुड़े हैं। सभी कार्य एजेंसियां और अधिकारी निर्धारित लक्ष्य के अनुसार काम करें। योजनाओं का लाभ हर हाल में समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।”
— राजीव रंजन, उपायुक्त
बैठक में मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता और जिला समन्वयक उपस्थित थे।
