रांची, ट्रेजरी और वेतन निकासी से जुड़ी अनियमितताओं के बाद झारखंड सरकार वित्तीय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने में जुट गई है। इसी कड़ी में जल संसाधन विभाग ने लेखा लिपिक संवर्ग में बड़ा फेरबदल करते हुए 118 कर्मियों का स्थानांतरण और पदस्थापन किया है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत कर्मियों का रोटेशन सुनिश्चित करने, वित्तीय अनुशासन मजबूत करने और लेखा कार्यों की निगरानी को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। हाल के दिनों में ट्रेजरी और वेतन निकासी से जुड़े मामलों के सामने आने के बाद मुख्य सचिव स्तर से विभागों को आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
जारी अधिसूचना के तहत कई जिलों और प्रमंडलों में कार्यरत लेखा लिपिकों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इनमें अखिलेश कुमार झा, सफीक अहमद, दिलीप कुमार ठाकुर, मुंशी मुर्मू, जितेन्द्र कुमार, संजीव कुमार झा, जयप्रकाश रंजन, रणविजय सिंह, सुनील कुमार, राजीव कुमार, राजीव रंजन कुमार, अंजनी कुमार, राजीव कुमार सिंह, मनोज कुमार सिन्हा, सिद्धेश कुमार दत्त, सत्येन्द्र कुमार झा और रंगबहादुर पंडित सहित कई कर्मियों का तबादला किया गया है।
इसके अलावा मधुरिमा, संजय कुमार, उमर खां, यशवंत नारायण, तफसीरूल हसन और श्याम नंदन प्रसाद समेत अन्य कर्मियों को भी नए पदस्थापन स्थल आवंटित किए गए हैं। विभाग ने सभी स्थानांतरित कर्मियों को तत्काल प्रभाव से अपने नए कार्यस्थल पर योगदान देने का निर्देश दिया है। प्रशासनिक हलकों में इस कदम को वित्तीय प्रबंधन को सुदृढ़ करने और लेखा प्रणाली को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
