जांजगीर-चांपा: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिला जेल में चार बंदियों के एचआईवी (HIV) पॉजिटिव पाए जाने के बाद जेल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। जिला अस्पताल में कराई गई जांच के दौरान चारों कैदियों में संक्रमण की पुष्टि हुई, जिसके बाद उनके इलाज और जेलों में स्वास्थ्य निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, संक्रमित बंदियों को जेल अस्पताल के माध्यम से नियमित दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही उनका स्वास्थ्य परीक्षण समय-समय पर बिलासपुर स्थित सिम्स अस्पताल में भी कराया जा रहा है। हालांकि, जेल जैसी नियंत्रित व्यवस्था में एक साथ कई बंदियों के संक्रमित मिलने से संक्रमण के स्रोत और स्वास्थ्य सुरक्षा उपायों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
रायगढ़ जेल में भी सामने आ चुके हैं मामले
जांजगीर-चांपा से पहले रायगढ़ जिले में भी तीन बंदियों के एचआईवी संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद राज्य में जेलों और अन्य संवेदनशील समूहों के बीच स्वास्थ्य जांच अभियान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री बोले- घबराने की जरूरत नहीं
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि केवल रायगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य में एचआईवी संक्रमित लोगों की पहचान के लिए जांच अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों में संक्रमण की पुष्टि होगी, उनके उपचार और देखभाल की पर्याप्त व्यवस्था सरकार द्वारा की गई है। मंत्री ने युवाओं में बढ़ते नशे को भी चिंता का विषय बताते हुए कहा कि प्रशासन और पुलिस इस दिशा में कार्रवाई कर रहे हैं। साथ ही समाज और परिवारों को भी जागरूक होकर नशे और संक्रमण संबंधी जोखिमों के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि एचआईवी संक्रमित मरीजों को समय पर दवा, नियमित जांच और परामर्श उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है, ताकि संक्रमण नियंत्रित रहे और मरीज सामान्य जीवन जी सकें।
