झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के भाई और दुमका विधायक बसंत सोरेन ने SIR प्रक्रिया की कड़ी आलोचना करते हुए इसकी तुलना कोरोना महामारी से कर दी। बसंत सोरेन ने कहा कि “झारखंड में एसआईआर का काम चल रहा है। यह कोरोना से भी भयंकर बीमारी है। इससे सभी लोगों को सजग रहने की जरूरत है।”
उन्होंने दावा किया कि SIR के कारण पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ा। उनका कहना था कि इस प्रक्रिया को लेकर लोगों को सतर्क रहना चाहिए और इसके प्रभाव को गंभीरता से समझने की आवश्यकता है।बसंत सोरेन के इस बयान के बाद झारखंड की राजनीति में SIR को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। इससे पहले भी विपक्षी दल इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग इसे मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और अद्यतन बनाने की नियमित प्रक्रिया बता चुका है।
