पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने पूरे देश को चौंका दिया है। इस ऐतिहासिक उलटफेर के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में न केवल हार को नकार दिया, बल्कि चुनाव प्रक्रिया पर भी संगीन आरोप लगाए हैं। ममता बनर्जी ने साफ कर दिया है कि वे इस्तीफा नहीं देंगी और इस ‘धांधली’ के खिलाफ निर्णायक जंग लड़ेंगी।
“100 सीटें छीनी गईं, आयोग बना विलेन”
ममता बनर्जी ने प्रेस को संबोधित करते हुए चुनाव परिणामों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह जनता की हार नहीं बल्कि लोकतांत्रिक ढांचे की विफलता है। उनके बयानों के प्रमुख अंश:
- धांधली का दावा: मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कम से कम 100 ऐसी सीटें हैं जहाँ उनकी पार्टी की जीत को हार में बदला गया।
- चुनाव आयोग पर निशाना: उन्होंने चुनाव आयोग को इस पूरे प्रकरण का “विलेन” बताते हुए कहा कि निष्पक्षता को ताक पर रख दिया गया।
- मशीनरी का दुरुपयोग: ममता ने केंद्रीय एजेंसियों और सुरक्षा बलों पर चुनाव के दौरान पक्षपात करने का आरोप लगाया।
‘इस्तीफा नहीं, संघर्ष का रास्ता’
राजनीतिक गलियारों में हो रही इस्तीफे की चर्चाओं को खारिज करते हुए ममता ने कहा, “मैदान छोड़कर भागना मेरा स्वभाव नहीं है।”
- कानूनी लड़ाई: पार्टी इन चुनावी नतीजों को अदालत में चुनौती देने की तैयारी कर रही है।
- कार्यकर्ताओं से अपील: उन्होंने समर्थकों से धैर्य बनाए रखने और ‘लोकतंत्र की बहाली’ के लिए तैयार रहने को कहा।
- वापसी का भरोसा: ममता ने हुंकार भरी कि वे फिर से जनता के बीच जाएंगी और भारी समर्थन के साथ वापसी करेंगी।
बंगाल में सत्ता का बदला समीकरण
2026 के इन नतीजों ने बंगाल की दशकों पुरानी सियासत को उलट कर रख दिया है। पहली बार राज्य में विरोधी दल ने पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने की स्थिति हासिल की है। हालांकि, ममता बनर्जी के कड़े रुख ने यह साफ कर दिया है कि नई सरकार के लिए राह इतनी आसान नहीं होने वाली है और आने वाले दिनों में राज्य में राजनीतिक टकराव बढ़ सकता है।
