अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के दानपात्र से चढ़ावा गबन करने के सनसनीखेज मामले में अयोध्या पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में दर्ज एफआईआर में नामजद सभी 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस कार्रवाई ने जहां एक तरफ प्रशासनिक हलचल तेज कर दी है, वहीं दूसरी तरफ आज दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या पहुंच रहे हैं, जिससे इस मुद्दे पर सियासी पारा चढ़ गया है।
ट्रस्ट की शिकायत पर दर्ज हुई FIR, बड़े नाम शामिल नहीं
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की शिकायत पर रामजन्मभूमि थाने में यह मुकदमा दर्ज कराया गया था। एफआईआर में मुख्य रूप से रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र, अविनाश शुक्ल और एक रिटायर्ड बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव को नामजद किया गया है। हालांकि, चर्चा इस बात की भी है कि ट्रस्ट के किसी भी शीर्ष पदाधिकारी का नाम इस एफआईआर में शामिल नहीं है।
पुलिस की गिरफ्त में सभी 8 आरोपी, पूछताछ जारी
एफआईआर दर्ज होने के चंद घंटों के भीतर ही पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए सभी आठों आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। जांच एजेंसियां अब आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही हैं, ताकि यह साफ हो सके कि गबन की गई रकम कितनी बड़ी है, इसका इस्तेमाल कहाँ हुआ और क्या इस खेल के पीछे कुछ और बड़े चेहरे भी शामिल हैं।
अखिलेश यादव का हमला, मंत्री सुरेश खन्ना का पलटवार
मामला सामने आते ही उत्तर प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया है। समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने सीधे जांच प्रक्रिया पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए कि पहले सबूत मिटाए जाएं और बाद में सिर्फ औपचारिकता के लिए एफआईआर दर्ज हो। वहीं, योगी सरकार के मंत्री सुरेश खन्ना ने पलटवार करते हुए कहा, “योगी सरकार में अपराध के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति है। दोषी चाहे कितना भी रसूखदार क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।”
वीएचपी और संत समाज ने किया कार्रवाई का स्वागत
विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने पुलिसिया कार्रवाई की सराहना की है। उन्होंने मांग की है कि आस्था के केंद्र में ऐसा कृत्य करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। वहीं, आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं, अपराधी चाहे जो भी हो, देर-सबेर पकड़ा ही जाता है।
दानपात्र विवाद के बीच अरविंद केजरीवाल की एंट्री
इस पूरे विवाद के केंद्र में आज दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का अयोध्या दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। केजरीवाल आज रामलला के दरबार में हाजिरी लगाएंगे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जब राम मंदिर दानपात्र गबन का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर गरमाया हुआ है, ऐसे समय में केजरीवाल की इस यात्रा से विपक्षी खेमा सरकार को घेरने की नई रणनीति बना सकता है।
