चाईबासा में आंधी-तूफान का तांडव: सोनुआ के सरजमहातु गाँव में उड़े 19 घरों के छप्पर, बच्ची समेत 3 घायल

"कुदरत का कहर: चंद मिनटों के तूफान ने छीनी 19 परिवारों की छत, बेघर हुए ग्रामीणों को अब सरकारी मदद की आस।"

Johar News Times
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पश्चिमी सिंहभूम जिले के सोनुआ प्रखंड क्षेत्र में प्रकृति का कहर देखने को मिला है। यहाँ के सरजमहातु गाँव में आए अचानक तेज आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई है। महज कुछ ही मिनटों के चक्रवात ने पूरे गाँव को तहस-नहस कर दिया। तेज हवाओं के कारण दर्जनों घरों के एस्बेस्टस और खपरैल के छप्पर हवा में उड़ गए, जिससे घरों के भीतर रखा कीमती सामान भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आने से एक मासूम बच्ची समेत तीन ग्रामीण गंभीर रूप से जख्मी हो गए हैं, जिन्हें स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है।

मलबे में तब्दील हुए आशियाने: 19 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त

आंधी-तूफान का असर इतना भीषण था कि गाँव के कुल 19 घरों को भारी नुकसान पहुँचा है। कई परिवारों के सिर से छत पूरी तरह छिन गई है और वे खुले आसमान के नीचे आने को मजबूर हैं। अनाज, कपड़े और घरेलू उपकरण मलबे और बारिश के पानी में भीगकर बर्बाद हो गए हैं।

मौके पर पहुँचे बीडीओ और सीओ, ग्रामीणों ने की मुआवजे की मांग

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन तुरंत रेस्क्यू और राहत कार्य में जुट गया।

  • प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारी ने प्रभावित सरजमहातु गाँव का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
  • दोनों अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया और हुए नुकसान का आकलन किया।
  • बेघर हुए पीड़ित परिवारों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी आपबीती सुनाई और क्षतिग्रस्त मकानों व सामानों के लिए तत्काल सरकारी मुआवजा राशि देने की गुहार लगाई।

मुखिया ने डीसी को लिखा पत्र: स्थानीय मुखिया ने भी तुरंत संज्ञान लेते हुए मौके पर पहुँचकर क्षति का मुआयना किया। उन्होंने सभी पीड़ित परिवारों को उचित और त्वरित मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर उपायुक्त को एक आधिकारिक पत्र भेजा है।

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