साइलेंट किलर बन सकता है डायबिटीज, दिल ही नहीं हड्डियों और जोड़ों को भी कर रहा है खोखला; जानें कारण और बचाव

Johar News Times
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डायबिटीज को अक्सर दिल की बीमारी, स्ट्रोक या किडनी की समस्याओं से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह बीमारी आपकी हड्डियों और जोड़ों को भी अंदर ही अंदर गंभीर रूप से कमजोर कर रही है? हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, ब्लड शुगर लेवल का अत्यधिक बढ़ना हड्डियों के घनत्व को कम करता है, जिससे जोड़ों में दर्द, अकड़न और फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है। आइए जानते हैं कि डायबिटीज हमारी हड्डियों को कैसे प्रभावित करता है और इससे बचने के क्या उपाय हैं।

हड्डियों और जोड़ों पर कैसे वार करता है डायबिटीज?

जब शरीर में ग्लूकोज का स्तर लगातार बढ़ा रहता है, तो इसका सीधा असर मस्कुलोस्केलेटल सिस्टम (हड्डियों और मांसपेशियों के ढांचे) पर पड़ता है। इससे निम्नलिखित गंभीर समस्याएं हो सकती हैं:

  • हड्डियों का कमजोर होना : डायबिटीज नई हड्डियों के बनने और पुरानी हड्डियों के टूटने के प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़ देता है। इससे हड्डियों का घनत्व कम हो जाता है और फ्रैक्चर का खतरा काफी बढ़ जाता है।
  • जोड़ों में दर्द और अकड़न: ब्लड शुगर बढ़ने से जोड़ों में सूजन (Inflammation) होने लगती है, जिससे रोजमर्रा के काम करने में भी तेज दर्द और कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
  • फ्रोजन शोल्डर : मधुमेह रोगियों में ‘एडहेसिव कैप्सूलाइटिस’ यानी फ्रोजन शोल्डर की समस्या बहुत आम है। इसमें कंधे के जोड़ में अत्यधिक अकड़न आ जाती है और हाथ हिलाना भी मुश्किल हो जाता है।
  • ऑस्टियोआर्थराइटिस का खतरा: डायबिटीज के मरीजों में, खासकर घुटनों का ऑस्टियोआर्थराइटिस होने की संभावना बहुत ज्यादा होती है। वजन बढ़ने और जोड़ों में टूट-फूट के कारण यह समस्या तेजी से बढ़ती है।
  • लिगामेंट की चोटें: बढ़ा हुआ ग्लूकोज लेवल लिगामेंट्स (हड्डियों को जोड़ने वाले ऊतक) को कमजोर कर देता है, जिससे मोच या गंभीर चोट का खतरा बढ़ जाता है।
  • धीमी रिकवरी : खराब ब्लड सर्कुलेशन के कारण, डायबिटीज के मरीजों में हड्डियों के फ्रैक्चर या जोड़ों की चोट को ठीक होने में सामान्य से बहुत अधिक समय लगता है।

हड्डियों को मजबूत रखने के लिए खास सलाह

अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं, तो अपने जोड़ों और हड्डियों की सुरक्षा के लिए आज से ही अपनी लाइफस्टाइल में ये बदलाव करें:

1. डाइट में शामिल करें कैल्शियम और विटामिंस

अपनी हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए डेयरी प्रोडक्ट्स (दूध, दही, पनीर), हरी पत्तेदार सब्जियां, नट्स (मेवे) और मछली जैसी चीजों को अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं।

2. इन चीजों से बनाएं दूरी

शरीर में सूजन (Inflammation) को बढ़ने से रोकने के लिए चीनी, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और प्रोसेस्ड फूड (पैकेटबंद खाना) का सेवन तुरंत बंद या बेहद सीमित कर दें।

3. रोजाना करें एक्सरसाइज

हड्डियों की मजबूती और जोड़ों के लचीलेपन (Flexibility) को बनाए रखने के लिए वेट-बेयरिंग एक्टिविटीज जैसे- पैदल चलना (Walking), रेजिस्टेंस ट्रेनिंग और योग को दिनचर्या में शामिल करें।

जिन लोगों को पहले से ही जोड़ों में तेज दर्द है, उनके लिए साइकिल चलाना और तैरना बेहतरीन विकल्प हैं, क्योंकि इससे जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता।

4. वजन और बुरी आदतों पर नियंत्रण

जोड़ों पर एक्स्ट्रा प्रेशर को कम करने के लिए अपने वजन को संतुलित रखें। इसके साथ ही धूम्रपान (Smoking) और शराब के सेवन से पूरी तरह दूरी बना लें, क्योंकि ये दोनों आदतें हड्डियों को अंदर से खोखला करती हैं।

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