पश्चिम बंगाल की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है। दक्षिण 24 परगना जिले की फालता विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने अब तक का सबसे ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए तृणमूल कांग्रेस और वामदलों के इस पुराने अभेद्य किले को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है।
दोपहर 2 बजे तक 18 राउंड की मतगणना पूरी होने के बाद भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु पांडा अपनी निकटतम प्रतिद्वंदी सीपीएम से 91 हजार से अधिक वोटों की अजेय बढ़त बना चुके हैं। फालता सीट पर कुल 21 राउंड की काउंटिंग होनी है, जिससे देबांग्शु पांडा की जीत अब महज एक औपचारिक औपचारिकता रह गई है।
18वें राउंड के बाद का मुख्य स्कोरकार्ड:
- देबांग्शु पांडा (BJP): 1.20 लाख+ वोट
- शंभूनाथ कुर्मी (CPM): ~37 हजार वोट
- जहांगीर खान (TMC): 5 हजार+ वोट
285 बूथों पर हुआ था ‘महा-रीपोल’, बदला समीकरण
फालता सीट का यह नतीजा इसलिए भी बेहद चौंकाने वाला है क्योंकि इस विधानसभा क्षेत्र के सभी 285 बूथों पर बीते 21 मई को दोबारा मतदान कराया गया था।
गौरतलब है कि 29 अप्रैल को दूसरे चरण के मतदान के दौरान यहां ईवीएम से छेड़छाड़, वेब कैमरों की फुटेज बंद करने और बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप लगे थे। जांच में कम से कम 60 बूथों पर ईवीएम में भाजपा के चुनाव चिन्ह पर टेप चिपकाए जाने की बात सामने आई थी, जिसके बाद चुनाव आयोग ने पूरी सीट पर दोबारा चुनाव कराने का कड़ा फैसला लिया था। रीपोलिंग में जनता ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और रिकॉर्ड 88.13 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जिसने भाजपा के पक्ष में अंडरकरंट का काम किया।
मैदान छोड़ चुके थे TMC उम्मीदवार, फिर भी पड़े वोट
इस चुनाव का सबसे दिलचस्प पहलू यह रहा कि TMC उम्मीदवार जहांगीर खान चौथे नंबर पर चल रहे हैं। दरअसल, जहांगीर खान ने 18 मई को ही चुनाव से हटने की घोषणा कर दी थी और वह चुनावी गतिविधियों से दूर हो गए थे।
लेकिन तकनीकी पेंच यह फंसा कि नाम वापसी की आधिकारिक समय-सीमा समाप्त हो चुकी थी, जिसके कारण ईवीएम पर उनका नाम और टीएमसी का सिंबल ‘जोड़ा फूल’ मौजूद रहा। इसी वजह से घर बैठे रहने के बावजूद उन्हें 5 हजार से ज्यादा वोट मिल गए।
फालता के इतिहास में पहली बार खिलेगा ‘कमल’
फालता विधानसभा सीट का अपना एक अलग राजनीतिक इतिहास रहा है। यह इलाका लंबे समय तक वामपंथ का गढ़ था, लेकिन साल 2011 में परिवर्तन की लहर के बाद से यहां लगातार ममता बनर्जी की टीएमसी का एकछत्र राज था। भाजपा आज तक इस सीट पर कभी चुनाव नहीं जीत पाई थी।
दक्षिण 24 परगना में बीजेपी का बढ़ता ग्राफ: देबांग्शु पांडा की यह बढ़त बंगाल भाजपा के लिए संजीवनी की तरह है। दक्षिण 24 परगना जिले की कुल 31 सीटों में से भाजपा इस बार 10 सीटों पर अपना परचम लहरा चुकी है। इतना ही नहीं, जादवपुर, टॉलीगंज, और बेहला पूर्व-पश्चिम जैसे हाई-प्रोफाइल शहरी क्षेत्रों में भी भाजपा ने पहली बार सेंधमारी कर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।
