देशभर में साइबर अपराध के गढ़ के रूप में कुख्यात जामताड़ा में पुलिस ने एक बार फिर अपराधियों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक की है। जामताड़ा पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर एक बड़े साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पांच शातिर साइबर अपराधियों को रंगे हाथ दबोचा है।
जामताड़ा के पुलिस अधीक्षक शंभु कुमार सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बड़ी कामयाबी का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि साइबर थाना प्रभारी राजेश मंडल के नेतृत्व में करमाटांड़ और नारायणपुर थाना क्षेत्रों में ताबड़तोड़ छापेमारी कर इन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
रंगे हाथ पकड़े गए ठग, बंगाल से भी जुड़ा है कनेक्शन
पुलिस की टीम ने अलग-अलग ठिकानों पर जाल बिछाकर इन अपराधियों को दबोचा:
- करमाटांड़ : विष्णु मंडल के घर पर जब पुलिस ने अचानक छापा मारा, तो वहां दो अपराधी बैठकर लोगों को फोन पर चूना लगा रहे थे। पुलिस ने उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
- सियाटॉड और झिलुवा जंगल: पुलिस ने इस जंगली इलाके की घेराबंदी कर एक और आरोपी को भागते हुए पकड़ा।
- नारायणपुर (लोकनियां गांव): यहाँ किशोर दास के घर पर रेड डालकर दो और अपराधियों को दबोचा गया।
गिरफ्तार आरोपियों की सूची:
- विष्णु मंडल
- सचिन मंडल
- सागर नायक
- किशोर दास
- विश्वजीत दास
पुलिस ने ठगों के पास से डिजिटल अपराध का भारी जखीरा बरामद किया है, जो इस प्रकार है:
- मोबाइल फोन: 15
- सिम कार्ड: 14
- एटीएम कार्ड: 04
- लैपटॉप: 02
- नकद राशि: ₹50,000
आपका बिजली बिल बकाया है, कार्ड ब्लॉक होने वाला है…
पुलिस की पूछताछ और जांच में इन अपराधियों की चौंकाने वाली मोडस ऑपेरंडी सामने आई है:
1. फर्जी बैंक अधिकारी: ये शातिर अपराधी खुद को देश के नामी बैंकों के अधिकारी बताते थे। ग्राहकों को डराते थे कि उनका डेबिट या क्रेडिट कार्ड ब्लॉक हो गया है। इसके बाद केवाईसी अपडेट करने के नाम पर गोपनीय जानकारी हासिल कर ‘PhonePe’ और ‘Google Pay’ के जरिए खाते साफ कर देते थे।
2. बिजली बिल का झांसा: गिरोह के सदस्य बिजली विभाग के बड़े अधिकारी बनकर लोगों को मैसेज या कॉल करते थे कि ‘आपका बिजली बिल बकाया है, आज रात कनेक्शन काट दिया जाएगा।’ इसके बाद बिल जमा करने के नाम पर एक लिंक भेजकर पूरा बैंक अकाउंट खाली कर देते थे।
कई राज्यों में फैला है नेटवर्क, दो आरोपी हैं हिस्ट्रीशीटर
एसपी शंभु कुमार सिंह ने बताया कि इस संबंध में जामताड़ा साइबर थाने में कांड संख्या 29/26 और 30/26 दर्ज की गई है। शुरुआती जांच से पता चला है कि इस गिरोह के तार देश के कई बड़े राज्यों से जुड़े हुए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में से सागर नायक और किशोर दास पुराने हिस्ट्रीशीटर हैं, जिन पर पहले भी साइबर अपराध के मामलों में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।
