कोल नगरी धनबाद के टुंडी प्रखंड में करीब 35 हाथियों के एक विशाल झुंड ने भारी दहशत फैला दी है। गिरिडीह के पीरटांड़ वन क्षेत्र से भटककर तोपचांची-टुंडी सीमा के रास्ते आए इस दल ने रिहायशी इलाकों में घुसकर जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने जहाँ एक सरकारी स्कूल की दीवारें और दरवाजे तोड़ दिए, वहीं ग्रामीणों के आशियाने को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इस अचानक हुए हमले से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई है।
रंगामटिया गांव में प्रवेश करते ही हाथियों के झुंड ने सबसे पहले उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय रंगामटिया को निशाना बनाया।
- हाथियों ने स्कूल परिसर में जमकर तोड़फोड़ की।
- स्कूल के कमरों में बच्चों के लिए रखे मिड-डे मील का राशन और चावल को हाथी चट कर गए।
इसके बाद हाथियों का दलुगोड़ा गांव की ओर बढ़ा, जहाँ उन्होंने रामलाल मुर्मू का मिट्टी का घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। दीवारें गिरती देख रामलाल का परिवार जान बचाने के लिए भाग खड़ा हुआ। गांव में हाथियों की चिंघाड़ सुनते ही महिलाएं बच्चों को लेकर सुरक्षित पक्के मकानों की ओर भागीं।
हाथियों के आने की पूर्व सूचना मिलने के कारण रंगामटिया सहित आसपास के करीब आधा दर्जन गांवों के लोग पहले से ही हाई-अलर्ट पर थे।
स्थानीय ग्रामीण गोलक यादव ने बताया:
“35 हाथियों का इतना बड़ा झुंड देखकर हम सबकी रूह कांप गई। फसल, घर और बच्चों को बचाने के लिए गांव के पुरुषों ने टोलियां बनाईं। रातभर हाथ में लाठी-डंडे, जलती मशालें और ढोल-नगाड़े लेकर हम सब पहरा देते रहे ताकि हाथियों को आबादी में घुसने से रोका जा सके।”
वन विभाग को हाथियों के मूवमेंट की खबर पहले ही मिल गई थी, जिसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए क्विक रिस्पांस टीम और पारंपरिक ‘मशालची टीम’ को तैनात किया गया। टीम लगातार पटाखों, साइरन और जलती मशालों के सहारे हाथियों को रिहायशी इलाकों से दूर खदेड़ने में जुटी हुई है। देर रात हाथियों के इस बड़े झुंड को नावाटांड़ और एकलव्य विद्यालय के आसपास मंडराते देखा गया।
“करीब 35 की संख्या में हाथियों का झुंड गिरिडीह जिले के पीरटांड़ क्षेत्र से टुंडी के रंगामटिया क्षेत्र में प्रवेश किया है। रंगामटिया प्राथमिक विद्यालय में कुछ नुकसान की सूचना मिली है। हमारी मशालचियों की टीम हाथियों को सुरक्षित टुंडी के घने पहाड़ी और जंगली क्षेत्रों की ओर खदेड़ने का प्रयास कर रही है। ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।”
— मनोज कुमार राय, प्रभारी फॉरेस्टर, टुंडी
